धन जन देह गेह कृष्णे समर्पण
धन जन देह गेह कृष्णे समर्पण
“ध” अक्षर से शुरू होने वाले सारे वैष्णव भजन और कीर्तन, देवनागरी लिपि, हिन्दी अर्थ और ऑडियो के साथ।
8 भजन
धन जन देह गेह कृष्णे समर्पण
धन मोर नित्यानन्द पति मोर गौरचन्द्र
धनि धनि अपरूप रास-बिहार
हरि हे
धर्म-पथे थाकि' कोरो जीवन जापन, भाइ
धुले धुले गोरा चाँद
धृत-वन-मल्य्-अवतंस-लसद्-वन-वेश-ततिर् बल-सङ्गी
ध्वज-वज्राङ्कुश-पङ्कज-कलितम्