देवता कार्य सिद्ध्य् अर्थं
देवता-कार्य-सिद्ध्य्-अर्थं
“द” अक्षर से शुरू होने वाले सारे वैष्णव भजन और कीर्तन, देवनागरी लिपि, हिन्दी अर्थ और ऑडियो के साथ।
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देवता-कार्य-सिद्ध्य्-अर्थं
देवि सुरेश्वरि भगवति गङ्गे
देहात्म बुद्धि यार सेइ जड देह
देहात्मबुद्धि यार सेइ जड देह
दोयाल् निताइ चैतन्य बोले नाच रे आमार मन
अविरत-रति-बन्धु-स्मेरता-बन्धुर-श्रीः
कलौ यं विद्वंसः स्फुटम् अभियजन्ते द्युति-भराद्
द्विविड-दुरन्त-चरित्र-कोपिन् सज्-जन-मित्र