नाचत नीके गौर बर रतन
नाचत नीके गौर-बर रतन
1,438 वैष्णव भजनों और कीर्तनों की पूरी सूची, देवनागरी लिपि, हिन्दी अर्थ और ऑडियो के साथ।
1,438 भजन · पृष्ठ 17 / 30
नाचत नीके गौर-बर रतन
नाचत भुबन-मोहन चम्पक कनक कण्ज जिनि बरण
नाचत रे निता-इ बर चान्द
नाचत शची-तनय गौर-माधुरी मन मोहे
नाचये अद्वैत प्रेम-राशि
नाचये गौराङ्ग पहुं सहचर सङ्ग
नाचये चैतन्य चिन्तामणि
नाचे आरे बाप बिश्वम्भर
नाचे गोरा गुण-मणि केबल प्रेमेर खनि
नाचे गोरा प्रेमे भोरा
नाचे गौराङ्गचान्द बिभोर भाबेते
नाचे नित्यानन्द भुबन आनन्द
नाचे पहुं अबधुत गोरा
नाचे शचीर दुलाल रङ्गे
नाथ हरि जगन्नाथ हरि सीदति राधा'वास-गृहे
नाना द्रव्य आयोजन, करि करे निमन्त्रण,
(श्ब् 12.3.51)
निखिल-श्रुति-मौलि-रत्न-माला
नामे-मात्र महाधीर, सकले अशान्त
नायिकार शिरोमणि ब्रजे राधा ठाकुराणी
नारद मुनि, बाजाय् वीणा
ओम् हरिर् विदध्यान् मम सर्व-रक्षां
निखिल-कला-सम्पदि परिचयी
हरि हे
निज नामामृत पहुं मत्त अनुक्षण
निज-पति-भुज-दण्डच्-छत्र-भावं प्रपद्य
निता-इ करुणा-निधि
निता-इ करुणामय अबतार
निता-इ गुण-निधि शोभार अबधि
निता-इ गुण-मणि आमार निता-इ गुण-मणि
निता-इ-चान्द दयामय निता-इ-चान्द दयामय
निता-इ-चान्देर गुण कि कहब आर
निता-इ चैतन्य दु-इ भा-इ दयार अबधि
निता-इ चैतन्य दुटी भा-इ दयार अबधि
निता-इ चैतन्य दोहे बड अबतार
निता-इ मोर जीबन धन निता-इ मोर गति
निता-इ मोर जीबन-धन निता-इ मोर जाति
निता-इ रङ्गिया मोर निता-इ रङ्गिया
निता-इ सुन्दर अबनी उजोर
निता-इ आमार परम दयाल
निताइ कि नाम एनेछे रे
निता-इ केबल पतित जनार बन्धु
निताइ गुण-मणि आमार् निताइ गुण-मणि
निताइ-गौर-नाम, आनन्देर धाम, जेइ जन नाहि लय
निताइ नाम् हाटे, ओ के जाबिरे भाइ, आय् छुटे
निताइ-पद-कमल, कोटि-चन्द्र-सुशीतल
निताइ मोर जीबन धन निताइ मोर जाति
शरच्-चन्द्र-भ्रान्ति-स्फुरद्-अमल-कान्तिं गज-गतिं