राधे पथि मुञ्च भूरि
राधे पथि मुञ्च भूरि सम्भ्रमम् अभिसारे
“र” अक्षर से शुरू होने वाले सारे वैष्णव भजन और कीर्तन, देवनागरी लिपि, हिन्दी अर्थ और ऑडियो के साथ।
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राधे पथि मुञ्च भूरि सम्भ्रमम् अभिसारे
राधे राधे राधे, श्याम श्री राधे, राधे राधे राधे, श्याम श्री राधे
भाइ रे
ओं अस्य श्री रामरक्षा स्तोत्रमन्त्रस्य
रासे हरिम् इह विहित-विलासम्
रिङ्गन-केलि-कुले जननी-सुख-करी
श्री-रुक्मिण्य् उवाच
रूप-कोटि-काम जिनि बिदगध-शिरोमणि
छत्रं शक्ति-यवाङ्कुशं पवि-चतुर्-जम्बू-फलं कुण्डलम्
रूपानुग तत्त्व-सार बुझिते अकङ्ख जाँर
रूपे गुणे अनुपम लक्ष कोटि मनोरमा
रूपे गुणे अनुपमा लक्ष्मी-कोटि-मनोरमा
रूपेर गौरब केनो भाइ
रो-इ रो-इ जपे गोरा कृष्ण-नाम-मधु