चौदिके महान्त मेलि करये कीर्तन केलि
चौदिके महान्त मेलि करये कीर्तन-केलि
1,438 वैष्णव भजनों और कीर्तनों की पूरी सूची, देवनागरी लिपि, हिन्दी अर्थ और ऑडियो के साथ।
1,438 भजन · पृष्ठ 10 / 30
चौदिके महान्त मेलि करये कीर्तन-केलि
छाडि' अन्य अभिलाष ज्ञान-कर्म-सहाबास
छोडतो पुरुष-अभिमान्
जग-जीबन जगन्नाथ जनार्दन
हरि हे
जय जगन्नाथ, जय जगन्नाथ, जय जगन्नाथ, जय जगन्नाथ
जगन्नाथ मिश्र महा-सुखे
जगन्नाथ मिश्रेर भबने
जगन्नाथ मिश्रेर सुकृति बीज हैते
जगन्नाथ-सुत महाप्रभु बिश्वम्भर
जगरनद् अथ कुञ्ज-वरे
जनम स-फल ता'र कृष्ण-दरशन जा'र
जनितेन्द्र-रुषं शक्र-मद-वृष्टि-समोन्मुखम्
जम्बुनद-तनु बदन अम्बुज
जय अद्वैत दयित करुणामय
जय कृत-मथुर-प्रवेश-भवुक
जय कृष्ण चैतन्य नित्यानन्द चन्द्र
जय गोकुल-सन्त्रासि-केशि-विक्षेपण प्रभो
जय गोद्रुम-पति गोरा
जय जग-तारण कारण-धाम
जय जय अदभुत सो पहुं अद्वैत
जय जय अद्वैत अचार्य महाशय
जय जय अद्वैत आचार्य दयामय
जय जय कल-रब नदीया नगरे
जय जय गुरु गोसाञी-श्री-चरण सार
जय जय गोपीनाथ मदन-मोहन
जय जय गोबिन्द गोपाल गदाधर
(किब) जय जय गोराचान्देर् आरतिको शोभा
जय जय गौर-हरि शचीर नन्दन
अभिनब नीलजलद तनु ढल ढल
जय जय जगन्नाथ शचीर नन्दन्
जय जय जय गुञ्जावलि-मण्डित
जय जय जय मङ्गल-रब, फाल्गुन-पूर्णिमा-निशि नब शोभित
जय जय ध्वनि उठे नदीया नगरे
जय जय नित्यानन्द राय
जय जय नित्यानन्द रोहिणी-कुमार
जय जय पण्डित गोसाइ, जार कृपाबले से चैतन्य गुण गाइ
जय जय पद्माबती-सुत सुन्दर
गौरभक्त-गण मध्ये सर्व अग्रगण्य
जय जय ब्रज-बासी श्रेष्ठ नन्द-राज
कोमल-शशिकर-रम्य-वनान्तर-निर्मित-गीत-विलास
जय जय मदन गोपाल बंशी-धारी
जय जय मधव-विधु-सङ्गिनि रधे
जय जय मरकत-कन्दल-सुन्दर
जय जय महाप्रभु जय गौरचन्द्र
जय जय यदु-कुल-जलनिधि-चन्द्र
जय जय राधा कृष्ण जुगल-मिलन
अपघन-घटित-घुसृण-घन-सार