गोरा गेला पूर्ब देश निज गण पा इ क्लेश
गोरा गेला पूर्ब-देश निज-गण पा-इ क्लेश
“ग” अक्षर से शुरू होने वाले सारे वैष्णव भजन और कीर्तन, देवनागरी लिपि, हिन्दी अर्थ और ऑडियो के साथ।
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गोरा गेला पूर्ब-देश निज-गण पा-इ क्लेश
गोरा दयार अबधि गुण-निधि
गोरा नाचे प्रेम बिनोदिया
गोरा नाचे शचीर दुलालिया
गौरा पहु ना भजिया गोइनु
गोरा-प्रेमे गर गर निता-इ आमार
गोरा-प्रेमे मातिया निता-इ
गोरा बड दयार ठाकुर
गोरा बिधु अधिबास सुखे केना बैसे प्रबेशिया भुबन माझे
गोरा मोर गुणेर सागर
गोरा मोर दयार अबधि गुण-निधि
गोरा मोर शुधा-इ काँचा सोना
गोरा हेम-जलद-अबतार
गोराचन्देर अज्ञ पेये गृह-बासि-गण
गोराचन्देर बिबाह पर-दिने
गोराचान्द बिबाह करिया
गोलोक छाडिय प्रभु केन बा अबनी
गोवर्धन गिरिवर केवल निर्जन स्थल
गोविन्द गोपीनाथ! कृपा करि राख निजपदे
जाम्बूनदोष्णीष-विराजि-मुक्ता-
वेणुं क्वणन्तम् अरविन्द-दलायताक्षम्
गौर-कलेबर मौलि मनोहर चिकुर ऐछे नेहारि
गौर गदाधर दुहुँ तनु
गौर गोकुल-चन्द्र चलु निज गेहे निशि परभात
गौर गोविन्द-गँअ शुन हे रसिक-जन
गौर नब-घन प्रेम-धारा बरिषिल
गौर पहुं ना भजिय मनु
गौर बरण तनु शोहन मोहन सुन्दर
गौर सुन्दर पहुं नदीया उदय करि
गौरचन्देर बिबाह देखिबारे
गौरसुन्दर परम शुभ-क्षणे धरल यज्णोपबीत
गौराङ्ग करुणा कोरो, दीन हीन जने
गौराङ्ग करुणा-सिन्धु अबतार
गौराङ्ग के जाने महिमा तोमार
गौराङ्ग ठेकिल पके
गौराङ्ग तुमि मोरे दया ना छाडिह
गौराङ्ग दयार निधि गुण अगणन
गौराङ्ग नहिते तबे कि ह-इते
गौराङ्ग पतित-पाबन तुया नाम
गौराङ्ग पातकी उद्धार करुणाय
गौराङ्ग-प्रेम-बादले डोबे सब प्रेम-जले
गौराङ्ग बिहर-इ परम आनन्दे
गौराङ्ग बिहर-इ परम आनन्दे
गौराङ्ग रसेर नदी प्रेमेर तरङ्ग
गौराङ्गचान्द हेर नयनेर कोणे
मलय-सुवासित-भूषित-गात्रम्
गौराङ्गेर दुटि पद, जार् धन सम्पद,
गौरामृत अनुक्षण साधु महान्त मेघ-गण