रस परिपाटी नट कीर्तन लम्पट
रस-परिपाटी नट कीर्तन लम्पट
1,438 वैष्णव भजनों और कीर्तनों की पूरी सूची, देवनागरी लिपि, हिन्दी अर्थ और ऑडियो के साथ।
1,438 भजन · पृष्ठ 24 / 30
रस-परिपाटी नट कीर्तन लम्पट
रसबती राधा रसमय कान
रसिक-नागरी- गण-शिरोमणि
रसेर आधार जिनि ताँर चित्ते रस-खनि
रा-इ हे अब तेजह मान
रागेर भजन-पथ कहि एबे अभिमत
राज-रानी मीरा भिखारिनी
राजत्-किरीट-मणि-दीधिति-दीपितांशम्
राढ देशे नाम एकचक्र ग्राम
राढ माझे एकचाका नामे आछे ग्राम
राधा-कुन्ड-तट-कुञ्ज-कुटीर्
राधा-कृष्ण कोरो ध्यान, स्वप्ने-ओ ना बोलो आन,
राधा-कृष्ण-गुण-गान मिथासक्ति सम्बर्धन
राधा-कृष्ण प्राण मोर जुगल-किशोर
राधा-कृष्ण-सेवोन् मुञि जीवने मरणे
राधा-कृष्ण! निवेदन एइ जन करे
तप्त-काञ्चन-गौराङ्गि
राधा-नाथ देखिते लागिछे भय
राधा-नाथ बड अपरूप लीला
राधा-बल्लभ माधब श्री-पति मुकुन्द
राधा-बल्लभ राधा-बिनोद
राधा-भजने जदि मति नाहि भेला
राधा-माधवयोर् एतद् वक्ष्ये नाम-युगाष्टकम्
राधा सखि जल-केलिषु निपुणा
गृहे राधा वने राधा राधा पृष्ठे पुरः स्थिता
अवीक्ष्यात्मेश्वरीम् काचिद् वृन्दावन-महेश्वरीम्
राधिका कृष्ण राधिका
राधिका-चरण-पद्म सकल-श्रेयेर सद्म
राधिका-चरण-रेनू भूषन करिया तनू
राधिका शरद-इन्दू-निन्दि मूख-मण्डली
राधे कलय हृदयम् अनुकूलम्
राधे जय जय माधव-दयिते
प्रचुर-पुरन्दर-गोप-विनिन्दक-कान्ति-पटलम् अनुकूलं
राधे निज-कुण्ड-पयसि तुङ्गी-कुरु रङ्गम्
राधे पथि मुञ्च भूरि सम्भ्रमम् अभिसारे
राधे राधे राधे, श्याम श्री राधे, राधे राधे राधे, श्याम श्री राधे
भाइ रे
ओं अस्य श्री रामरक्षा स्तोत्रमन्त्रस्य
रासे हरिम् इह विहित-विलासम्
रिङ्गन-केलि-कुले जननी-सुख-करी
श्री-रुक्मिण्य् उवाच
रूप-कोटि-काम जिनि बिदगध-शिरोमणि
छत्रं शक्ति-यवाङ्कुशं पवि-चतुर्-जम्बू-फलं कुण्डलम्
रूपानुग तत्त्व-सार बुझिते अकङ्ख जाँर
रूपे गुणे अनुपम लक्ष कोटि मनोरमा
रूपे गुणे अनुपमा लक्ष्मी-कोटि-मनोरमा
रूपेर गौरब केनो भाइ
रो-इ रो-इ जपे गोरा कृष्ण-नाम-मधु